इस्लाम यह है कि - 3

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आप इस बात पर विश्वास रखें कि अल्लाह ने सन्देष्टाओं पर किताबें अवतरित की हैं,  जैसे तौरात,  इन्जील,  ज़बूर और उन में अनितम पुस्तक क़ुरआन है जो मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम (उन पर अल्लाह की कृपा एंव शानित हो ) पर अवतरित हुर्इ। ये सभी पुस्तकें एकमात्र अल्लाह की इबादत का आदेश देती हैं जिस का कोर्इ साझी नहीं। परन्तु समय बीतने के साथ-साथ ये पुस्तकें परिवर्तन एवं सन्शोधन का निशाना बन गर्इं। यह परिवर्तन धर्म के दुश्मनों ने किया जो अवैद्ध रूप से लोगों का धन खाते हैं। केवल क़ुरआन इस परिवर्तन से सुरक्षित रहा जो पैग़म्बर मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम पर अवतरित हुआ, जो लोगों के सीनों में सुरक्षित है। अल्लाह तआला ने इसे मनुष्य के लिए एक चमत्कार बना दिया है तथा इस के नष्ट और परिवर्तित होने से सुरक्षा करने की जि़म्मेदारी अल्लाह ने स्वयं उठार्इ है। अल्लाह ने इसे पिछली किताबों पर निरीक्षक और प्रधान बना दिया। इस के अन्दर ऐसे वैज्ञानिक चमत्कार पाए जातें हैं जिन की गवाही वर्तमान काल के महान वैज्ञानिकों ने दी है।

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