• इन्सानों का सुधार

    Site Team

    इन्सान का दो तरीक़ों से सुधार किया जा सकता है—अन्दर से बाहर की तरफ़ (Outward) और बाहर से अन्दर की तरफ़

    23/09/2013 1559
  • हर समय सतर्क

    Site Team

     एकेश्वरवाद का मानने वाला यह मानता है कि अल्लाह मालिक (Lord) है और मैं दास (Slave)। तब उसकी पूरी ज़िन्दगी इबादत

    23/09/2013 1535
  • उम्मीद और डर

    Site Team

     एकेश्वरवाद का मानना इस बात को मानना है कि अल्लाह अत्यन्त दयावान है, माफ़ करनेवाला है, मगर न्याय और

    22/09/2013 1560
  • जवाबदेही और ज़िम्मेदारी का एहसास

    Site Team

    एकेश्वरवाद को मानने का मतलब यह है कि यह माना जाए कि अल्लाह ने इन्सान को पैदा किया और उसकी ज़िन्दगी को दो हिस्सों

    22/09/2013 1647
  • धरती पर स्वर्ग

    Site Team

    दुनिया में बहुत-सी विचारधाराएं पैदा हुईं और उनके अनुसार अनगिनत व्यवस्थाएं (Systems) अस्तित्व में आईं और अनेक

    22/09/2013 1473
  • विश्वास का संकट

    Site Team

     आज की दुनिया में बुराई का अनुपात अच्छाई के मुक़ाबले में लगातार बढ़ रहा है और समाज में विश्वास का संकट पैदा हो

    21/09/2013 1089
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा दी गई स्वास्थ्य की परिभाषा

    Site Team

    ‘‘शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और आध्यात्मिक (धार्मिक) दृष्टि से सही होने की संतुलित सतह का नाम

    21/09/2013 13428
  • मानसिक स्वास्थ्य

    Site Team

    इन्सान की सोच का उसके आचरण और काम पर प्रभाव पड़ता है। सोच और आचरण का रिश्ता ऐसा है, जैसे बैल और बैलगाड़ी का, जिधर

    21/09/2013 3376
  • ग़ुस्से को क़ाबू करना

    Site Team

    इन्सान और उसके ग़ुस्से के बीच दो में से एक ही रिश्ता होता है—इन्सान ग़ुस्से को कंट्रोल करे या ग़ुस्सा इन्सान

    19/09/2013 1074