क्या हमें हमारा पालनहार बिना वह्य के छोड़ सकता है? | जानने अल्लाह

क्या हमें हमारा पालनहार बिना वह्य के छोड़ सकता है?


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क्या यह बात समझ में आती है कि अल्लाह तआला ने इन सारी सृष्टियों को बिना किसी उद्देश्य के बनाया है? इन्हें व्यर्थ पैदा किया है? जबकि वह हिकमत वाला और सब कुछ जानने वाला है!

क्या यह बात समझ में आती है कि जिसने हमें इतनी सटीकता एवं निपुणता के साथ पैदा किया और आकाशों एवं धरती की सारी चीज़ों को हमारे अधीन कर दिया, वह हमें बिना किसी उद्देश्य के पैदा करे या उन महत्वपूर्ण सवालों का जवाब न दे, जो हमें उलझाए रखते हैं? जैसे - हम यहाँ क्यों आए हैं? मौत के बाद क्या होगा? हमारी रचना का उद्देश्य क्या है?

सच्चाई यह है कि अल्लाह तआला ने रसूल भेजे, ताकि हम अस्तित्व में आने का उद्देश्य जान सकें और पता चला सकें कि अल्लाह हमसे क्या चाहता है?

अल्लाह ने रसूल भेजे, ताकि वो हमें बताएँ कि केवल अल्लाह ही इबादत का हक़दार है, वो हमें अल्लाह की इबादत का तरीक़ा सिखाएँ, उसके आदेश एवं निषेध पहुँचाएँ और ऐसे नैतिक मूल्य सिखाएँ कि यदि हम उनका पालन करते हैं, तो हमारा जीवन भलाइयों एवं बरकतों से भर जाएगा।

अल्लाह ने बहुत सारे रसूल भेजे। जैसे नूह, इबराहीम, मूसा और ईसा। अल्लाह ने इन सब को ऐसी निशानियाँ एवं चमत्कार प्रदान किए, जो उनके सच्चे नबी और अल्लाह के भेजे हुए रसूल होने को प्रमाणित करते हैं।

इस सिलसिले की अंतिम कड़ी मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हैं, जिनपर अल्लाह ने पवित्र क़ुरआन उतारा।

रसूलों ने हमें स्पष्ट तौर पर बताया कि हमारा यह जीवन एक परीक्षा है और असल जीवन मौत के बाद का जीवन है।

वहाँ एकमात्र अल्लाह की इबादत करने वालों और सभी रसूलों पर विश्वास रखने वाले मोमिनों के लिए जन्नत है, तथा अल्लाह के साथ अन्य चीज़ों की इबादत करने या अल्लाह के किसी भी रसूल का इनकार करने वालों के लिए जहन्नम है।

अल्लाह तआला ने कहा है :

يَابَنِي آدَمَ إِمَّا يَأْتِيَنَّكُمْ رُسُلٌ مِنْكُمْ يَقُصُّونَ عَلَيْكُمْ آيَاتِي فَمَنِ اتَّقَى وَأَصْلَحَ فَلَا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ (35) (ऐ आदम की संतान! जब तुम्हारे पास तुम्हीं में से रसूल आ जायें, जो तुम्हें मेरी आयतें सुना रहे हों, तो जो डरेगा और अपना सुधार कर लेगा, उसके लिए कोई डर नहीं होगा और न वे उदासीन होंगे।وَالَّذِينَ كَذَّبُوا بِآيَاتِنَا وَاسْتَكْبَرُوا عَنْهَا أُولَئِكَ أَصْحَابُ النَّارِ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ (36) और जो हमारी आयतें झुठलायेंगे और उनसे घमण्ड करेंगे वही लोग आग (जहन्नम) वाले हैं। वे उसमें हमेशा रहने वाले हैं।)

[7 : 35, 36]

एक अन्य स्थान में उसने कहा है :

﴿ أَفَحَسِبْتُمْ أَنَّمَا خَلَقْنَاكُمْ عَبَثًا وَأَنَّكُمْ إِلَيْنَا لَا تُرْجَعُونَ ﴾ [क्या तुमने समझ रखा है कि हमने तुम्हें व्यर्थ ही पैदा किया है और तुम हमारी ओर फिर नहीं लाए जाओगे?]

[23 : 115]

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